राजवीर जवांडा
पंजाबी म्यूज़िक इंडस्ट्री में जब भी सच्ची आवाज़, जोश और जज़्बे की बात होती है, तो राजवीर जवांडा का नाम ज़रूर लिया जाता है। अपने दमदार गीतों और दिल को छू लेने वाले सुरों से उन्होंने लाखों दिलों को जीत लिया था। लेकिन अफसोस की बात यह है कि आज वही आवाज़ हमेशा के लिए खामोश हो चुकी है।
35 वर्षीय मशहूर गायक और अभिनेता राजवीर जवांडा का फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली में निधन हो गया। वह करीब 12 दिनों से ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश के बद्दी के पास एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हादसे की पूरी कहानी
27 सितंबर की शाम राजवीर जवांडा अपने कुछ दोस्तों से मिलने के बाद बाइक से मोहाली लौट रहे थे। रास्ते में बद्दी के पास, अचानक सड़क पर आवारा पशु (गाय-बैल) आ गए। बाइक की रफ्तार तेज़ नहीं थी, लेकिन टक्कर इतनी भयानक थी कि राजवीर को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं।
स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत बिगड़ने पर उन्हें मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि राजवीर की स्पाइनल इंजरी बेहद गंभीर थी, और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था।
उनकी हालत में कुछ समय के लिए सुधार भी दिखा, लेकिन 12वें दिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिवार और प्रशंसकों में शोक की लहर

राजवीर जवांडा की मृत्यु की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर आई, पूरी पंजाबी इंडस्ट्री और उनके फैंस सदमे में आ गए।
उनके परिवार ने इस कठिन समय में लोगों से प्रार्थना की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
पिता सुखदेव सिंह जवांडा, जो खुद एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हैं, ने कहा —
“राजवीर सिर्फ हमारा बेटा नहीं था, वो लाखों लोगों के दिल की धड़कन था। उसकी कमी कोई पूरी नहीं कर सकता।”
उनके दोस्तों और साथी कलाकारों जैसे कि गिप्पी ग्रेवाल, मनकीरत औलख, कुलविंदर बिल्ला, और जस्सी गिल ने भी सोशल मीडिया पर गहरा दुख व्यक्त किया। कई कलाकारों ने उनके पुराने वीडियो और यादें शेयर करते हुए लिखा —
“राजवीर की मुस्कान हमेशा याद रहेगी। वो सिर्फ एक गायक नहीं, बल्कि एक सच्चा इंसान था।”
संगीत जगत में राजवीर जवांडा का सफर
राजवीर जवांडा का जन्म 29 जुलाई 1989 को मांसा, पंजाब में हुआ था। बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी रुचि थी। स्कूल और कॉलेज के समय में वे हर सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया करते थे।
राजवीर ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद पंजाब पुलिस में भी काम किया, लेकिन संगीत के प्रति उनका जुनून इतना गहरा था कि उन्होंने नौकरी छोड़कर फुल-टाइम सिंगिंग करियर अपनाया।
उनका पहला गाना “Muqabla” जब रिलीज़ हुआ, तो पंजाबी म्यूज़िक लवर्स ने उन्हें खुले दिल से अपनाया। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट गाने दिए जैसे –
- Kangani
- Mera Dil
- Chandigarh Return
- Sardari
- Patiala Shahi Pagg
- Shaandaar

हर गाने में उनकी आवाज़ में जो मिठास, दर्द और जोश था, वही उन्हें भीड़ से अलग बनाता था।
एक्टिंग करियर भी रहा शानदार
राजवीर जवांडा सिर्फ गायक नहीं थे, बल्कि एक बेहतरीन अभिनेता भी थे। उन्होंने पंजाबी फिल्मों में काम किया और अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया।
उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं —
- Subedar Joginder Singh (2018)
- Yamla Jat
- Jind Jaan (2019)
उनका एक्टिंग स्टाइल प्राकृतिक था — सादगी और आत्मविश्वास से भरा। राजवीर की फिल्मों में उनका देसी अंदाज़ और पंजाबियत की खुशबू झलकती थी।
राजवीर जवांडा के मानवीय गुण
राजवीर जवांडा सिर्फ एक कलाकार नहीं थे — वो एक विनम्र, जमीन से जुड़े इंसान थे।
वो हमेशा अपने गाँव जाते, वहाँ के बच्चों से मिलते, स्कूलों में योगदान देते और किसानों के मुद्दों पर आवाज़ उठाते थे।
उन्होंने कभी शोहरत को अपने सिर पर नहीं चढ़ने दिया। उनके करीबी बताते हैं कि राजवीर अक्सर कहते थे —
“मेरा नाम तब तक मायने रखता है जब तक मेरी आवाज़ लोगों के दिल में जिंदा है।”
वो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव थे और फैंस से सीधे जुड़ते थे। हर त्यौहार, हर नए साल पर अपने फॉलोअर्स को प्यार और आशीर्वाद देते थे।
अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि
राजवीर जवांडा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव मांसा में किया गया। हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।
गाँव की गलियाँ फूलों से सजी थीं, लेकिन हर चेहरा नम था।
उनकी आखिरी यात्रा में पंजाब के कई नामी कलाकारों और राजनेताओं ने हिस्सा लिया।
पूरा माहौल “राजवीर अमर रहो” के नारों से गूंज उठा।
सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि की बाढ़
उनकी मृत्यु के बाद, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर लाखों पोस्ट्स शेयर की गईं।
फैंस ने लिखा —
“राजवीर भाई, आपकी आवाज़ कभी नहीं मरेगी।”
“आपके गाने हमेशा हमारी यादों में रहेंगे।”
“एक सच्चा स्टार चला गया, लेकिन उसका संगीत अमर रहेगा।”
कई लोगों ने सड़क सुरक्षा पर भी सवाल उठाए कि कैसे पंजाब और हिमाचल जैसे राज्यों में आवारा पशु दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहे हैं।
सड़क हादसों पर बढ़ते खतरे

राजवीर जवांडा का यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है।
भारत में हर साल हजारों लोग सड़कों पर इस तरह की दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं, खासकर आवारा पशुओं के कारण।
सरकारें कई बार वादे करती हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर सुधार धीमा रहता है।
राजवीर का जाना केवल एक कलाकार का खोना नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी है कि हमें सड़कों की सुरक्षा पर गंभीरता से काम करना होगा।
संगीत रहेगा अमर
राजवीर जवांडा अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़, उनके गाने और उनका विनम्र स्वभाव हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहेंगे।
उन्होंने अपनी छोटी उम्र में जो मुकाम हासिल किया, वो हर कलाकार के लिए प्रेरणा है।
उनके जाने के बाद भी उनके गाने जैसे “Mera Dil” और “Sardari” हमें बार-बार यह एहसास दिलाते हैं कि आवाज़ें मरती नहीं, वो अमर हो जाती हैं।
श्रद्धांजलि संदेश
“राजवीर जवांडा की याद में,
जो चला गया लेकिन अपने पीछे छोड़ गया
एक ऐसी धुन, जो सदा गूंजती रहेगी।”










